छिंदवाड़ा (तामिया) में यूरिया खाद वितरण में घोटाले की आंशका, किसान परेशान
तामिया, छिंदवाड़ा (म.प्र.) | 30 जुलाई 2025
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की तहसील तामिया में किसान यूरिया खाद के लिए सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक लंबी लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं। स्थानीय "किसान समृद्धि केंद्र" पर भारी भीड़ और अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि बारिश में भीगते हुए किसान घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन फिर भी खाद नहीं मिल पा रही है।
भारी भीड़, गड़बड़ी की बू
केंद्र के बाहर किसानों की लंबी कतारें साफ तौर पर दर्शाती हैं कि मांग के अनुरूप खाद की आपूर्ति नहीं हो रही। कुछ किसानों ने आरोप लगाया है कि खाद वितरण में "पहले से तय लोगों" को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि बाकी किसान खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।
वीडियो और फोटो से खुली पोल
उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो में दिख रहा है कि गोदाम में भरपूर मात्रा में खाद के थैले मौजूद हैं, फिर भी वितरण धीमा और चयनित लोगों तक सीमित है। अंदर बैठकर कुछ लोग बोरियों की गिनती कर रहे हैं, जबकि बाहर किसान दस्तावेज़ लिए खड़े हैं और उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही।
महिलाएं और बुजुर्ग भी कतार में
बारिश और कीचड़ के बावजूद महिलाएं, बुजुर्ग और दूर-दराज से आए किसान घंटों कतार में खड़े हैं। कुछ किसान तो दिनभर के इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौट जाते हैं।
प्रशासन मौन, जिम्मेदार कौन?
स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। न तो भीड़ को संभालने के लिए कोई व्यवस्था है और न ही पारदर्शी वितरण की प्रक्रिया लागू की गई है। यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।
किसानों की मांग
खाद वितरण में पारदर्शिता लाई जाए।
ऑनलॉगिंग सिस्टम या टोकन प्रणाली लागू की जाए।
अतिरिक्त वितरण केंद्र खोले जाएं।
खाद वितरण की जांच करवाई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।
निष्कर्ष:
तामिया क्षेत्र के किसान आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। यूरिया खाद जैसी आवश्यक वस्तु की किल्लत और उसके वितरण में हो रही अनियमितताओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संकट में डाल दिया है। अगर जल्द ही प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह समस्या और गहरा सकती है।
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