खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने के साथ ही किसानों को
कई स्थानों पर डीएपी, यूरिया आदि खाद लेने के लिए कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर किसानों को यूरिया, डीएपी के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग की जा रही है तो कहीं एमआरपी से अधिक दामों पर खाद-उर्वरक का विक्रय किया जा रहा है। जिसको देखते हुए बिहार सरकार ने किसानों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए हैं।
इस कड़ी में बिहार के उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि वर्तमान में बिहार राज्य में किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा शारदीय (खरीफ) 2025 के मौसम के लिए बिहार राज्य हेतु 10.32 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 2.20 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.50 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.50 लाख मीट्रिक टन एमओपी और 0.75 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उर्वरक की आवश्यकता का निर्धारण किया गया है।
अभी स्टॉक में उपलब्ध है यूरिया, डीएपी, एसएसपी और एनपीके खाद
कृषि मंत्री ने कहा कि 22 जुलाई 2025 तक राज्य में यूरिया 3.92 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.10 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.28 लाख मीट्रिक टन, एमओपी 0.64 लाख मीट्रिक टन तथा एसएसपी का 1.00 लाख मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को सही दर एवं सही समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य में उर्वरकों की कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर बिक्री और टैगिंग जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छापामारी की जा रही
कालाबाजारी और टैगिंग के खिलाफ की जा रही है कार्यवाही
उप-मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री ने बताया कि शारदीय (खरीफ) 2025 सीजन के दौरान 22 जुलाई तक राज्य भर में 10 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 94 उर्वरक प्रतिष्ठानों का प्राधिकार पत्र रद्द कर दिया गया है। राज्य सरकार ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे जिला एवं प्रखंड स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की नियमित बैठक आयोजित करें ताकि स्थानीय स्तर पर सभी समस्याओं की पहचान कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही प्रखंड-वार उर्वरकों का उप-आवंटन संबंधित क्षेत्र की आवश्यकता और आच्छादन के अनुसार किया जाए।
किसान खाद उर्वरक की शिकायत यहाँ करें?
कृषि मंत्री ने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसे आवश्यक उर्वरकों के साथ किसी भी उत्पाद की जबरन टैगिंग ना की जाए, ताकि किसानों की अनावश्यक वित्तीय बोझ से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में पूरी पारदर्शिता और कड़ी निगरानी के साथ कार्य कर रही है। उर्वरकों की सुचारू आपूर्ति, कालाबाजारी पर नियंत्रण और अनियमितताओं पर कार्रवाई सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे शारदीय (खरीफ) मौसम के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो। उर्वरक संबंधी किसी भी

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