खेती में तेजी: दोनों में यूरिया की सिंचाई शुरू, किसान उम्मीद से लबरेज
छिंदवाड़ा/सिवनी, 27 जुलाई:
जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही अच्छी बारिश के बाद दोनों (धान व मक्का) फसलों में यूरिया की पहली सिंचाई (उर्वरक छिड़काव) का काम शुरू हो चुका है। खेतों में हरियाली लौट आई है और किसान अब उपज को लेकर काफी आशान्वित नजर आ रहे हैं।
फसलों की वर्तमान स्थिति
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धान की बुवाई का काम लगभग पूरा हो चुका है और पौध अब 20–25 दिन की अवस्था में पहुँच चुकी है, जो यूरिया देने के लिए आदर्श समय है।
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मक्का की फसल में भी पौधे अब लगभग एक फीट तक बढ़ चुके हैं, और इसी के साथ किसान यूरिया का पहला छिड़काव कर रहे हैं।
किसानों की राय
स्थानीय किसान रामलाल पटेल का कहना है:
"बारिश समय पर हो गई, और अब खेतों में नमी भी अच्छी है। इसी वजह से यूरिया डालने का असर भी सही रहेगा। हमें उम्मीद है इस बार अच्छी पैदावार होगी।"
कृषि विभाग की सलाह
कृषि अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे यूरिया के साथ-साथ नीम कोटेड यूरिया या जैविक विकल्पों का भी इस्तेमाल करें, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और लंबे समय तक उत्पादन में गिरावट न आए।
📌 कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पहली सिंचाई के साथ यूरिया डालना पौधों की जड़ विकास और हरियाली को बढ़ावा देता है, जिससे फसल की ताकत और उत्पादन दोनों बढ़ते हैं।
जरूरी सावधानी
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यूरिया डालने के बाद हल्की सिंचाई अवश्य करें ताकि उर्वरक जमीन में अच्छे से घुल सके।
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अत्यधिक मात्रा में यूरिया डालने से पत्तियां जल सकती हैं, इसलिए निर्धारित मात्रा का ही प्रयोग करें।
खेतों से दृश्य:
फिलहाल खेतों में किसान सुबह से लेकर दोपहर तक यूरिया छिड़कते देखे जा सकते हैं। बैलों से जुते हल, ट्रैक्टर, और खेतों में पैदल चलकर छिड़काव करते किसानों का उत्साह मौसम की अनुकूलता के साथ और बढ़ गया है।
निष्कर्ष:
दोनों प्रमुख खरीफ फसलें – धान और मक्का – अब वृद्धि की सही अवस्था में पहुँच चुकी हैं। यूरिया छिड़काव का यह चरण उत्पादन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अगर मौसम सहयोग करता रहा तो इस बार किसानों को अच्छी फसल की पूरी उम्मीद है।
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